UP Basic Shiksha- “कांवड़ लेने मत जाना, ज्ञान का दीप जलाना”: शिक्षक की कविता पर बरेली में हंगामा, सस्पेंशन और FIR
विवरण: उत्तर प्रदेश के बरेली में एक शिक्षक की कविता ने सोशल मीडिया पर तूफान मचा दिया। कांवड़ यात्रा पर टिप्पणी वाली इस कविता को धार्मिक भावनाएं आहत करने वाला बताया गया, जिसके बाद शिक्षक को सस्पेंड कर दिया गया और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई। क्या है पूरा मामला? पढ़ें पूरी खबर।
UP Basic Shiksha
नमस्कार, आप पढ़ रहे हैं विशेष खबर। उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के बहेड़ी कस्बे से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जो अब सुर्खियों में है। यहां एमजीएम इंटर कॉलेज के शिक्षक रजनीश गंगवार ने स्कूल की प्रार्थना सभा में एक कविता पढ़ी, जिसके कुछ बोल थे:
“कांवड़ लेने मत जाना, तुम ज्ञान का दीप जलाना, मानवता की सेवा करके, सच्चे मानव बन जाना…”
इस कविता का वीडियो रिकॉर्ड किया गया और सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इसके बाद हिंदू संगठनों ने कविता को धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला बताते हुए शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। परिणामस्वरूप, शिक्षक को तत्काल सस्पेंड कर दिया गया और उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 353(2) के तहत एफआईआर दर्ज की गई।
क्या थी कविता में?
शिक्षक रजनीश गंगवार ने अपनी कविता में छात्रों को शिक्षा पर ध्यान देने, मानवता की सेवा करने और सामाजिक आडंबरों से बचने की सलाह दी थी। कविता में कुछ पंक्तियां जैसे, “कांवड़ जल से कोई बनिया, हाकिम, वैद नहीं बना है” और “पंडा, पुरोहित, नेता, पूंजीपतियों की चालों को जानो”, विवाद का केंद्र बन गईं। हिंदू संगठनों का आरोप है कि यह कविता कांवड़ यात्रा और धार्मिक आस्था का अपमान करती है, खासकर सावन के पवित्र महीने में जब कांवड़ यात्रा अपने चरम पर होती है।
रजनीश गंगवार ने अपनी सफाई में कहा कि उनका मकसद किसी की भावनाएं आहत करना नहीं था। उन्होंने बताया कि यह कविता सामाजिक व्यंग्य थी, जिसका उद्देश्य छात्रों को शिक्षा और मानवता के महत्व को समझाना था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनके खिलाफ स्कूल में पहले से साजिश चल रही थी, और 26 सेकंड के वीडियो को काट-छांट कर गलत तरीके से पेश किया गया।
पुलिस और प्रशासन का रुख
बरेली के पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) अरुण कुमार सिंह ने बताया कि 14 जुलाई, 2025 को मिली तहरीर के आधार पर शिक्षक के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। दूसरी ओर, जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. अजीत कुमार सिंह ने कहा कि शिक्षक की मंशा गलत नहीं थी, और वीडियो पुराना है, जिसे जानबूझकर सावन के समय वायरल किया गया।
शिक्षक समाज में नाराजगी
इस घटना ने शिक्षक समुदाय में आक्रोश पैदा कर दिया है। कई शिक्षकों का मानना है कि रजनीश गंगवार को अनावश्यक रूप से निशाना बनाया गया। उनका कहना है कि एक शिक्षक का काम छात्रों को प्रेरित करना और सही दिशा दिखाना है, और इस कविता में कुछ भी ऐसा नहीं था जो धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाए। सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने शिक्षक का समर्थन करते हुए लिखा कि कविता में शिक्षा और मानवता को बढ़ावा देने का संदेश था, न कि किसी धर्म का अपमान।
क्या है कांवड़ यात्रा?
कांवड़ यात्रा सावन के महीने में लाखों शिवभक्तों द्वारा की जाने वाली एक धार्मिक यात्रा है, जिसमें श्रद्धालु गंगा जल लेकर अपने स्थानीय शिव मंदिरों में चढ़ाते हैं। उत्तर प्रदेश में इस यात्रा को लेकर सरकार और प्रशासन विशेष व्यवस्थाएं करते हैं, जिसमें पुष्प वर्षा और सुरक्षा के इंतजाम शामिल हैं। ऐसे में इस कविता को कुछ संगठनों ने माहौल बिगाड़ने की कोशिश के रूप में देखा।
सामाजिक बहस का मुद्दा
यह मामला अब अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और धार्मिक संवेदनशीलता के बीच टकराव का प्रतीक बन गया है। कुछ लोगों का मानना है कि शिक्षक ने केवल शिक्षा का महत्व बताया, जबकि अन्य का कहना है कि धार्मिक आस्था पर टिप्पणी करना गलत था। शिक्षक रजनीश गंगवार ने यह भी सवाल उठाया कि अगर उनकी कविता पर एफआईआर हो सकती है, तो भड़काऊ बयान देने वाले नेताओं पर कार्रवाई क्यों नहीं होती?
आगे क्या?
पुलिस और प्रशासन इस मामले की गहन जांच कर रहे हैं। शिक्षक के निलंबन और एफआईआर के बाद अब यह देखना होगा कि क्या यह मामला कोर्ट में जाता है या आपसी समझौते से सुलझता है। समाज में इस घटना ने एक नई बहस छेड़ दी है कि क्या शिक्षकों को अपनी बात कहने की आजादी नहीं होनी चाहिए, या क्या धार्मिक मामलों पर बोलते समय विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
- शिक्षक ने कविता में क्या कहा था?
शिक्षक रजनीश गंगवार ने कविता में छात्रों को कांवड़ यात्रा के बजाय शिक्षा और मानवता की सेवा पर ध्यान देने की सलाह दी थी। - कविता से विवाद क्यों हुआ?
कविता में कांवड़ यात्रा पर टिप्पणी को कुछ हिंदू संगठनों ने धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला माना। - शिक्षक के खिलाफ क्या कार्रवाई हुई?
शिक्षक को तत्काल सस्पेंड कर दिया गया और उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 353(2) के तहत एफआईआर दर्ज की गई। - पुलिस ने क्या कहा?
पुलिस ने बताया कि तहरीर के आधार पर मामला दर्ज किया गया है और जांच चल रही है। क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। - शिक्षक ने अपनी सफाई में क्या कहा?
रजनीश गंगवार ने कहा कि उनकी कविता का मकसद शिक्षा को बढ़ावा देना था, न कि किसी की भावनाएं आहत करना। उन्होंने इसे साजिश का हिस्सा बताया। - क्या कविता का पूरा वीडियो उपलब्ध है?
हां, कविता का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसमें शिक्षक की पूरी बात सुनी जा सकती है। - कांवड़ यात्रा क्या है?
कांवड़ यात्रा एक हिंदू धार्मिक यात्रा है, जिसमें श्रद्धालु गंगा जल लेकर शिव मंदिरों में चढ़ाते हैं। यह सावन के महीने में होती है। - शिक्षक समुदाय की प्रतिक्रिया क्या है?
शिक्षक समुदाय ने इस कार्रवाई को अनुचित बताया और रजनीश गंगवार के समर्थन में आवाज उठाई है। - क्या इस मामले में कोई राजनीतिक कोण है?
कुछ लोगों ने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और धार्मिक संवेदनशीलता के बीच टकराव के रूप में देखा है, जिसने वैचारिक बहस को जन्म दिया है। - आगे क्या होने की संभावना है?
पुलिस जांच कर रही है, और मामला कोर्ट में जा सकता है या आपसी समझौते से सुलझ सकता है।
डिस्क्लेमर:
यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से लिखा गया है और इसमें दी गई जानकारी विभिन्न स्रोतों से एकत्रित की गई है। हम किसी भी धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाने का इरादा नहीं रखते। पाठकों से अनुरोध है कि वे किसी भी संवेदनशील मुद्दे पर अपनी राय बनाते समय तथ्यों की जांच करें। किसी भी गलत या आपत्तिजनक जानकारी के लिए हम जिम्मेदार नहीं होंगे।
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