India Pakistan yuddh Aahat भारत-पाकिस्तान युद्ध की आहट? ट्रंप-पुतिन की अलास्का बैठक के बाद सिंधु जल संधि पर तनाव चरम पर!
क्या 15 अगस्त को ट्रंप-पुतिन की बैठक भारत के लिए खतरा बनेगी? पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर की अमेरिका से परमाणु धमकी, अमेरिका की 50% टैरिफ और सिंधु जल संधि की समीक्षा की मांग ने तनाव बढ़ाया। जानिए कैसे आर्थिक और सामरिक दबाव भारत-पाक युद्ध की दिशा में धकेल रहे हैं!
नई दिल्ली: 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव ने एक बार फिर विश्व का ध्यान खींचा है। अप्रैल में पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद, जहां 26 निर्दोष नागरिकों की जान गई, भारत ने सिंधु जल संधि को निलंबित कर दिया। अब, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की 15 अगस्त को अलास्का में होने वाली बैठक ने स्थिति को और जटिल बना दिया है। विश्लेषक अंकित अवस्थी के अनुसार, अगर पुतिन इस बैठक में हार मानते हैं, तो अमेरिका भारत पर और दबाव डालेगा, जो सिंधु जल संधि को तोड़ सकता है और युद्ध की स्थिति पैदा कर सकता है।
पहलगाम हमला: अप्रैल 22, 2025 को पहलगाम के बैसारन घास मैदान में आतंकियों ने पर्यटकों पर गोलीबारी की, जिसमें 26 लोग मारे गए। जम्मू-कश्मीर पुलिस के अनुसार, हमलावर पाकिस्तानी नागरिक थे, जो लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े थे। हमले के बाद भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया, जिसमें 21 आतंकियों को मार गिराया गया। हमले के मास्टरमाइंड सुलीमन शाह समेत तीन पाकिस्तानी आतंकियों को जुलाई में ऑपरेशन महादेव में ढेर किया गया। इस हमले ने भारत-पाक संबंधों को नई गहराई दी, और भारत ने सिंधु जल संधि को निलंबित कर दिया।
आसिम मुनीर के बयान: पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर ने अमेरिका में भारत के खिलाफ भड़काऊ बयान दिए। अप्रैल 17, 2025 को उन्होंने कहा कि हिंदू हमसे अलग हैं और कश्मीर पाकिस्तान की ‘जगुलर वेन’ है। हमले के पांच दिन बाद पहलगाम में हिंदुओं को निशाना बनाया गया। मुनीर ने अमेरिका में भारत की आर्थिक स्थिति तोड़ने और अंबानी को निशाना बनाने की बात की। हाल ही में फ्लोरिडा में उन्होंने परमाणु हमले की धमकी दी: “अगर हम डूब रहे हैं, तो आधा दुनिया हमारे साथ डूबेगा।” भारत ने इसे ‘परमाणु तलवारबाजी’ कहा और कहा कि यह पाकिस्तान की आतंकी समर्थक मानसिकता को दर्शाता है।
ट्रंप की टैरिफ और अलास्का बैठक: अमेरिका ने भारत पर रूसी तेल खरीदने के लिए 50% टैरिफ लगा दिया। ट्रंप ने कहा कि अगर रूस-यूक्रेन में सीजफायर होता है, तो भारत पर दबाव बढ़ेगा। 15 अगस्त को अलास्का में ट्रंप-पुतिन की बैठक में यूक्रेन सीजफायर पर चर्चा होगी। अगर पुतिन हारते हैं, तो ट्रंप वर्ल्ड बैंक के माध्यम से सिंधु जल संधि पर दबाव डाल सकते हैं, जहां अमेरिका का बड़ा हिस्सा है। भारत के 28 बिलियन डॉलर के प्रोजेक्ट्स खतरे में हैं।
सिंधु जल संधि का संकट: 1960 की संधि के तहत भारत पूर्वी नदियों (सतलुज, ब्यास, रावी) का उपयोग करता है, जबकि पाकिस्तान पश्चिमी नदियों (सिंधु, झेलम, चिनाब) का। पहलगाम हमले के बाद भारत ने संधि निलंबित की। पाकिस्तान ने बिलावल भुट्टो के माध्यम से कहा, “एक बूंद पानी रोकने पर खून की नदियां बहेंगी।” मुनीर ने भारत के बांधों को निशाना बनाने की धमकी दी। भारत ने अगस्त 2024 में संधि की समीक्षा की मांग की, लेकिन पाकिस्तान ने अस्वीकार किया।
आर्थिक क्षति और युद्ध की आहट: अमेरिका की टैरिफ से भारत के निर्यात प्रभावित हो रहे हैं। फार्मा, ज्वेलरी, टेक्सटाइल्स महंगे हो गए। अगर ट्रंप-पुतिन बैठक में रूस हारता है, तो पाकिस्तान को मजबूत करने के लिए अमेरिका सिंधु संधि पर दबाव बढ़ा सकता है। अवस्थी का विश्लेषण सही साबित हो रहा है – अगर पुतिन जीतते हैं, तो भारत सुरक्षित, वरना स्थिति गंभीर।
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