Real Story, नमस्कार, सत श्री अकाल! मैं लेकर आया हूँ एक ऐसी सच्ची घटना, जो आपके रोंगटे खड़े कर देगी। ये कहानी है उत्तराखंड के हरिद्वार जिले के कनखल थाना क्षेत्र की, जहाँ एक अनैतिक रिश्ते ने न सिर्फ़ एक परिवार को तबाह किया, बल्कि एक मासूम की जान भी ले ली। आइए, जानते हैं इस दिल दहलाने वाली घटना के बारे में, जो 1 जनवरी 2024 को सामने आई।
शुरुआत एक मासूम शिकायत से
हरिद्वार के कनखल क्षेत्र में रहने वाली एक छठी कक्षा की छात्रा को अचानक पेट में तेज़ दर्द उठता है। रोती-बिलखती वो अपनी टीचर के पास पहुँचती है और कहती है, “मैम, मेरे पेट में बहुत दर्द हो रहा है।” टीचर उसे दवा देती हैं, लेकिन दर्द कम नहीं होता। आख़िरकार, स्कूल उसे घर भेज देता है।
घर पहुँचते ही लड़की बार-बार दरवाज़ा खटखटाती है, लेकिन कोई जवाब नहीं मिलता। काफ़ी देर बाद जब दरवाज़ा खुलता है, तो वो देखती है कि उसकी माँ और ताऊजी का बेटा एक कमरे से बाहर निकल रहे हैं। ये दृश्य देखकर वो सन्न रह जाती है, लेकिन डर के मारे चुप रहती है।
अनैतिक रिश्ते का खुलासा
कुछ समय बाद, लड़की फिर अपनी माँ को ताऊजी के बेटे, अमित कटिहार, के साथ आपत्तिजनक हालत में देख लेती है। इस बार वो हिम्मत जुटाकर अपनी माँ से कहती है, “माँ, ये ग़लत है।” लेकिन जैसे ही अमित को इस बात का पता चलता है, वो लड़की को धमकाता है, “अगर तूने ये बात किसी से दोबारा कही, तो अच्छा नहीं होगा।” डर के मारे लड़की ख़ामोश हो जाती है।
लेकिन ये बात घर तक सीमित नहीं रहती। लड़की के बड़े भाई, 17 साल के कृष, को भी माँ और अमित के अवैध रिश्ते का पता चल जाता है। वो परेशान हो जाता है, लेकिन न माँ से कुछ कह पाता है, न अपने भाई अमित से। धीरे-धीरे ये बात आसपास के लोगों तक भी पहुँच जाती है।
बेटे ने लगानी चाही माँ के कदमों पर लगाम
कृष अपनी माँ संयोगिता के इस रिश्ते को रोकना चाहता था। उसने माँ से साफ़ कह दिया, “अब बहुत बदनामी हो चुकी है। तुम अब कहीं नहीं जाओगी।” ख़ास तौर पर 31 दिसंबर 2023 को, जब संयोगिता और अमित ने ऋषिकेश में नया साल मनाने की योजना बनाई थी, कृष ने इसका विरोध किया। इससे अमित को गहरा गुस्सा आया। उसने सोचा कि कृष उनके रिश्ते में रोड़ा बन रहा है।
खौफ़नाक साज़िश और कत्ल
अमित ने एक खौफ़नाक योजना बनाई। उसने संयोगिता से कहा कि वो कृष को बाज़ार ले जा रहा है, कुछ खरीदारी के लिए। वो कृष को ज्वालापुर ले गया, जहाँ उसने उसे कपड़े और जूते दिलवाए। फिर वो उसे मिस्रपुर में बने अपने दूसरे घर ले गया, जहाँ पहले से उसके दो दोस्त, राहुल और विशाल, मौजूद थे।
चारों ने मिलकर शराब पी। जब राहुल और विशाल नशे में चूर होकर चले गए, तो अमित और कृष अकेले रह गए। नशे की हालत में अमित ने कृष के गले में रस्सी डाल दी। कृष चीखा, “भैया, मैं तुम्हारा भाई हूँ, ऐसा मत करो!” लेकिन अमित ने उसकी एक न सुनी। उसने कृष का गला दबाकर उसकी हत्या कर दी।
लाश को गंगा किनारे फेंका
कत्ल के बाद अमित ने कृष की लाश को बैरागी कैंप के पास गंगा किनारे ले जाकर फेंक दिया। उसने लाश को खाई में फेंकने से पहले उसके सिर पर पत्थर से वार किया, ताकि ये हादसा लगे। इसके बाद वो रात 1 बजे के आसपास संयोगिता के पास लौट आया। जब संयोगिता ने पूछा, “कृष कहाँ है?” तो अमित ने झूठ बोला, “वो दोस्तों के साथ सुट्टा लगा रहा है, आ जाएगा।”
पुलिस ने खोला राज़
अगले दिन, 1 जनवरी 2024 को दोपहर 2 बजे के आसपास पुलिस को बैरागी कैंप के पास गंगा किनारे एक लाश मिलने की सूचना मिली। पुलिस ने लाश को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा और शिनाख्त की कोशिश शुरू की। उसी दिन सुबह 10 बजे संयोगिता ने कनखल थाने में अपने बेटे कृष की गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी।
जब पुलिस ने संयोगिता को लाश देखने के लिए बुलाया, तो वो बिलख पड़ी और बोली, “ये मेरा बेटा है!” पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से पता चला कि कृष के सिर पर भारी वस्तु से वार किया गया और गला दबाकर उसकी हत्या की गई।
अमित ने उगला सच
पुलिस को शक हुआ कि इस हत्याकांड में अमित कटिहार का हाथ हो सकता है। जब पुलिस ने उससे सख्ती से पूछताछ की, तो उसने सारा सच उगल दिया। उसने बताया कि कई साल पहले संयोगिता के पति का देहांत हो गया था। उनके पति हरिद्वार नगर निगम में कर्मचारी थे, और उनकी जगह संयोगिता को नौकरी मिल गई। इसके बाद अमित और संयोगिता के बीच अवैध संबंध शुरू हो गए।
संयोगिता की बेटी ने कई बार अपनी माँ को अमित के साथ आपत्तिजनक हालत में देखा, लेकिन डर के मारे चुप रही। जब कृष को इस रिश्ते का पता चला, तो उसने इसका विरोध किया। इससे गुस्साए अमित ने अपने भाई की हत्या की साज़िश रची और उसे अंजाम दिया।
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस ने अमित को गिरफ़्तार कर जेल भेज दिया। साथ ही, वो इस मामले में राहुल और विशाल की भूमिका की भी जाँच कर रही है। इस घटना ने न सिर्फ़ एक परिवार को तोड़ा, बल्कि रिश्तों की मर्यादा को भी तार-तार कर दिया।
समाज के लिए सबक
दोस्तों, इस कहानी को सुनाने का मक़सद किसी को परेशान करना नहीं, बल्कि आपको जागरूक करना है। ऐसे अनैतिक रिश्ते न समाज को मंज़ूर हैं, न क़ानून को। ये रिश्ता छह साल तक चला, लेकिन आख़िर में इसने एक मासूम की जान ले ली। समाज में इस रिश्ते की वजह से संयोगिता और अमित की थू-थू हुई।
शुभकामनाएँ
जाते-जाते, आज गाज़ियाबाद के बंका का जन्मदिन है। उन्हें ढेर सारी शुभकामनाएँ! साथ ही, डॉ. किटू रविंद्र सिंह और उनकी पत्नी नेहा सिंह ने अपने बेटे कुशागर को जन्मदिन की बधाई दी है। मोहम्मद जमील (राजस्थान) को भी जन्मदिन की शुभकामनाएँ। मेरठ के राखी और अरविंद को उनकी शादी की सालगिरह की बधाई। इसके अलावा, सुरेश कश्यप (इंदौर), कमलेश कुमार (उत्तर प्रदेश), बरकत अली (मेवात), और पूनम सिंह (बांदा) को भी शुभकामनाएँ।
आप सभी सुरक्षित रहें, ख़याल रखें। जय हिंद, जय भारत!
I am blogger. I provided News by the Social media medium. All information is Given Truth in my knowledge but you checked before the follow the News. Be Happy Jay Hind By