बरेली के शिक्षक रजनीश गंगवार की कविता ने मचाया बवाल! कांवड़ यात्रा पर टिप्पणी के बाद दर्ज हुई FIR, अखिलेश यादव ने किया समर्थन। जानिए इस विवाद की पूरी कहानी और रजनीश की जिंदगी का संघर्ष। क्या यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला है? पढ़ें पूरी खबर!
बरेली के शिक्षक रजनीश गंगवार: कांवड़ कविता विवाद और साहित्य का साहस
उत्तर प्रदेश के बरेली में महात्मा गांधी मेमोरियल (MGM) इंटर कॉलेज के हिंदी प्रवक्ता डॉ. रजनीश गंगवार इन दिनों सुर्खियों में हैं। उनकी एक कविता, जिसमें उन्होंने छात्रों को “कांवड़ लेने मत जाना, तुम ज्ञान का दीप जलाना” जैसे पंक्तियों के जरिए शिक्षा का महत्व बताया, ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। इस कविता को कुछ हिंदू संगठनों ने धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला बताया, जिसके बाद उनके खिलाफ बहेड़ी थाने में भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 295A और 505(2) के तहत FIR दर्ज की गई।
रजनीश गंगवार, जो एक शिक्षक, कवि और साहित्यकार हैं, ने अपनी सफाई में कहा कि उनकी कविता का मकसद बच्चों को शिक्षा की ओर प्रेरित करना था, न कि किसी धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाना। उन्होंने कहा, “मैंने बच्चों को दुर्घटनाओं और नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से बचाने के लिए यह कविता पढ़ी थी। मेरा उद्देश्य किसी धर्म को अपमानित करना नहीं था।”
सरकार और समाज पर सवाल
रजनीश ने इस विवाद को सरकार की “फासीवादी मानसिकता” से जोड़ा और आरोप लगाया कि सरकार “पाखंड और आडंबर” को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने कहा, “जब मंत्री ओमप्रकाश राजभर कांवड़ यात्रा पर बयान देते हैं, तो उन पर कोई कार्रवाई नहीं होती, लेकिन एक शिक्षक की कविता पर FIR दर्ज हो जाती है।” उन्होंने बुद्धिजीवियों से अपील की कि वे पाखंड और स्कूल बंद करने की नीतियों के खिलाफ खुलकर बोलें।
इस मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रजनीश का समर्थन करते हुए ट्वीट किया, “शिक्षक पर FIR और शिक्षालय बंद हो रहे हैं… क्या भाजपा के लिए यही अमृतकाल है?”
रजनीश गंगवार: एक साहित्यकार का सफर
रजनीश गंगवार केवल एक शिक्षक नहीं, बल्कि एक साहित्यकार और कवि भी हैं। पीलीभीत के बीसलपुर में जन्मे रजनीश ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा सरस्वती शिशु मंदिर से प्राप्त की। उन्होंने बरेली कॉलेज से ग्रेजुएशन (2003) और इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से हिंदी साहित्य में एमए (2005) और पीएचडी (2010) पूरी की। वह स्वच्छ भारत मिशन के ब्रांड एंबेसडर रह चुके हैं और उनकी कविताएं आकाशवाणी, दूरदर्शन और समाचार पत्रों में प्रकाशित हो चुकी हैं।
रजनीश का कहना है कि उनकी कविता साहित्यिक दृष्टिकोण से लिखी गई थी, जो मुंशी प्रेमचंद के विचारों से प्रेरित है। उन्होंने प्रेमचंद का हवाला देते हुए कहा, “साहित्य राजनीति के पीछे नहीं, बल्कि आगे चलकर मशाल जलाने का काम करता है।”
जनता और विपक्ष की प्रतिक्रिया
इस विवाद ने सोशल मीडिया पर भी हलचल मचा दी है। कई यूजर्स ने रजनीश के समर्थन में लिखा कि उनकी कविता शिक्षा और मानवता की बात करती है, जबकि कुछ ने इसे धार्मिक भावनाओं के खिलाफ बताया। पीपल्स यूनियन फॉर सिविल लिबर्टीज (PUCL) ने FIR को रद्द करने की मांग की है, इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला बताया।
हिंदू संगठनों, जैसे महाकाल सेवा समिति, ने कविता को “हिंदू आस्था का अपमान” करार दिया और रजनीश के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। हिंदू महासभा ने तो रजनीश को “आतंकवादी सोच” वाला व्यक्ति तक कह दिया।
क्या है पूरा मामला?
12 जुलाई को MGM इंटर कॉलेज की प्रार्थना सभा में रजनीश ने अपनी कविता पढ़ी, जिसमें पंक्तियां थीं:
“कांवड़ लेने मत जाना, तुम ज्ञान का दीप जलाना
मानवता की सेवा करके, तुम सच्चे मानव बन जाना
कांड ढोकर कोई वकील, डीएम, एसपी नहीं बना है।”
इस कविता का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसके बाद हिंदू संगठनों ने इसे आपत्तिजनक बताकर पुलिस में शिकायत दर्ज की। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए रजनीश के खिलाफ FIR दर्ज की, लेकिन उनकी गिरफ्तारी नहीं हुई क्योंकि मामला 7 साल से कम सजा वाले अपराध के तहत दर्ज है।
रजनीश ने अपनी सफाई में कहा कि उनकी कविता बच्चों को पढ़ाई पर ध्यान देने और कांवड़ यात्रा के दौरान होने वाली दुर्घटनाओं से बचने के लिए थी। उन्होंने यह भी बताया कि उन्हें धमकियां मिल रही हैं और उन्होंने सरकार से सुरक्षा की मांग की है।
स्कूल प्रशासन का रुख
स्कूल के प्रिंसिपल अशोक कुमार गंगवार ने कहा कि रजनीश से लिखित स्पष्टीकरण मांगा गया है। उन्होंने यह भी बताया कि कई छात्र कांवड़ यात्रा में चले जाते हैं, जिससे स्कूल की उपस्थिति कम हो रही थी। रजनीश ने बच्चों को प्रेरित करने के लिए कविता पढ़ी, लेकिन ऐसी कविता नहीं पढ़नी चाहिए थी जिससे किसी की भावनाएं आहत हों।
FAQ
1. रजनीश गंगवार कौन हैं?
रजनीश गंगवार उत्तर प्रदेश के बरेली में MGM इंटर कॉलेज में हिंदी के प्रवक्ता हैं। वे एक कवि, साहित्यकार और स्वच्छ भारत मिशन के पूर्व ब्रांड एंबेसडर हैं।
2. रजनीश गंगवार की कविता का विवाद क्यों हुआ?
उनकी कविता “कांवड़ लेने मत जाना, तुम ज्ञान का दीप जलाना” को कुछ हिंदू संगठनों ने धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला बताया, जिसके बाद उनके खिलाफ FIR दर्ज हुई।
3. रजनीश गंगवार पर क्या आरोप हैं?
उन पर IPC की धारा 295A (धार्मिक भावनाएं आहत करना) और 505(2) (समुदायों के बीच नफरत फैलाने) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
4. क्या रजनीश गंगवार ने माफी मांगी?
हां, उन्होंने एक वीडियो में कहा कि अगर उनकी कविता से किसी की भावनाएं आहत हुईं, तो वे क्षमा मांगते हैं। हालांकि, वे अपनी कविता के मकसद पर अडिग हैं।
5. इस मामले में राजनीतिक प्रतिक्रिया क्या रही?
समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने रजनीश का समर्थन किया और सरकार पर निशाना साधा। वहीं, हिंदू संगठनों ने कड़ी कार्रवाई की मांग की।
6. क्या रजनीश गंगवार को गिरफ्तार किया गया है?
नहीं, उन्हें गिरफ्तार नहीं किया गया है क्योंकि मामला 7 साल से कम सजा वाले अपराध के तहत है। पुलिस जांच कर रही है।
Disclaimer
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