राहुल गांधी की वोटर अधिकार यात्रा ने बिहार की सड़कों पर क्रांति जैसा माहौल बना दिया है। इमरान प्रतापगढ़ी का दावा—भीड़ उम्मीद से कहीं ज्यादा, वोट चोरी का सच सार्वजनिक, और लड़ाई अब बिहार से बाहर कई राज्यों तक जाएगी।
By न्यूज़ डेस्कUpdated: 24 अगस्त 2025Voter Rights
क्या है मामला?
कांग्रेस नेता राहुल गांधी की वोटर अधिकार यात्रा बिहार पहुंचते ही सुर्खियों में है। राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा कि यह यात्रा सीधे-सीधे नागरिकों के सबसे बड़े मौलिक अधिकार—मताधिकार से जुड़ी है और इसका उद्देश्य मतदाता सूचियों में कथित अनियमितताओं को उजागर करना है।
इमरान प्रतापगढ़ी ने क्या कहा?
“भारत जोड़ो और न्याय यात्रा के मकसद अलग थे, लेकिन वोटर अधिकार यात्रा लोकतंत्र के दिल—मताधिकार—से जुड़ी लड़ाई है। अगर यह अधिकार नहीं बचेगा तो नागरिक अदृश्य हो जाएंगे।”
उन्होंने आरोप लगाया कि लाखों मतदाताओं के नाम सूचियों से हटाए गए और यह मसला तब सुर्खियों में आया जब राहुल गांधी ने बेंगलुरु की एक विधानसभा से कथित वोट चोरी के सबूत पेश किए। इमरान के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद ही नामों का सार्वजनिक प्रदर्शन शुरू हुआ।
भीड़ और राजनीतिक संदेश
इमरान के अनुसार, बिहार में यात्रा के दौरान जुट रही अप्रत्याशित भीड़ कांग्रेस के लिए भी चौंकाने वाली है और इससे राजनीतिक हवा बदलती दिख रही है। उनका कहना है कि भाजपा “मैनेजमेंट” के भरोसे थी, लेकिन यात्रा ने इसे जन-आंदोलन का रूप दे दिया है।
आगे का रोडमैप
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि लड़ाई बिहार तक सीमित नहीं रहेगी—यात्रा ओडिशा, असम और अन्य राज्यों में भी जाएगी जहाँ “वोट चोरी” की आशंकाएँ उठ रही हैं।
नीतीश कुमार पर तंज
एक वायरल तस्वीर के संदर्भ में इमरान ने नीतीश कुमार पर प्रतीकों से परहेज़ करने का आरोप लगाया और कहा कि यह भाजपा संगत का असर है।
Key Takeaways
1. यात्रा का फोकस: मताधिकार और वोटर-लिस्ट पारदर्शिता।
2. इमरान का दावा: लाखों नाम हटे; सुप्रीम कोर्ट के बाद लिस्ट डिस्प्ले।
3. भीड़ का संदेश: मुद्दा क्रांति जैसे रुख में बदलता दिखा।
4. आगे: बिहार से बाहर कई राज्यों तक अभियान।
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FAQ
वोटर अधिकार यात्रा का मुख्य उद्देश्य क्या है?
मतदाता सूची की पारदर्शिता सुनिश्चित करना और मताधिकार से जुड़ी कथित अनियमितताओं को उठाना। इमरान प्रतापगढ़ी का मुख्य दावा क्या है?
लाखों मतदाताओं के नाम सूचियों से हटे; सार्वजनिक डिस्प्ले और जवाबदेही जरूरी। यात्रा आगे कहाँ जाएगी?
बिहार के बाद ओडिशा, असम और अन्य राज्यों में भी अभियान ले जाया जाएगा।
“झूठ दिन में पाँच बार कपड़े बदलकर भी घबराया हुआ है, और एक हमारा सच है जो सिर्फ एक टी-शर्ट में छाया हुआ है।”
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