Bihar Voter List 2025 Shock: 65 Lakh Names Deleted? Supreme Court में हंगामा, ‘Dead Voters’ & 48 Sons Viral Case
By Usman Saifi | Updated: 16 August 2025
Bihar Voter List 2025 • Dead Voters • Supreme Court
Table of Contents
- बिहार चुनाव से पहले बड़ा बवाल
- विपक्ष के सवाल और सुप्रीम कोर्ट
- राहुल गांधी का ‘Dead Voters’ वीडियो
- वाराणसी की ‘48 Sons’ वायरल लिस्ट
- सच्चाई: गुरु का नाम क्यों दर्ज होता है
- संत समाज की प्रतिक्रिया
- सोशल मीडिया रिएक्शन
- निष्कर्ष
- FAQ
बिहार चुनाव से पहले बड़ा बवाल
नवंबर 2025 में बिहार विधानसभा चुनाव होने हैं। उससे पहले Election Commission ने 25 जून से 25 जुलाई 2025 तक मतदाता सूची का Special Intensive Revision (SIR) कराया।
आयोग के मुताबिक करीब 65 लाख नाम voter list से हटाए गए—22 लाख मृतक, 7 लाख डुप्लीकेट और 36 लाख ऐसे मतदाता जो राज्य छोड़कर बाहर बस गए।
विपक्ष के सवाल और सुप्रीम कोर्ट
विपक्षी दलों ने इसे भारी गड़बड़ी बताया। सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की और SIR की जांच की मांग की।
12 अगस्त 2025 की सुनवाई में योगेंद्र यादव दो लोगों को कोर्ट में लेकर पहुंचे। दोनों के पास वोटर आईडी थे, लेकिन मतदाता सूची से उनके नाम मृत
बताकर हटाए गए थे। अदालत में इस पर जोरदार बहस हुई और मामला सुर्खियों में आ गया।
राहुल गांधी का ‘Dead Voters’ वीडियो
इसी बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर लगभग 3 मिनट 45 सेकंड का वीडियो साझा किया। वे कहते हैं—“मैं मरे हुए लोगों के साथ चाय पी रहा हूं।” संदर्भ यह कि जिन लोगों से वे मिले, उनके नाम सूची से मृत
दिखाकर हटाए गए थे। वीडियो तेजी से वायरल हो गया।
वाराणसी की ‘48 Sons’ वायरल लिस्ट
सोशल मीडिया पर एक और दावा उछला—“एक व्यक्ति के 48 बेटे वोटर लिस्ट में दर्ज हैं।” मामला वाराणसी नगर निगम निर्वाचन 2023 का है (वार्ड 51, भेलुपुर; पता B 24/19)। यहां कुल 51 मतदाता दर्ज थे, जिनमें 48 के पिता का नाम ‘रामकमल दास’ लिखा गया।
सच्चाई: गुरु का नाम क्यों दर्ज होता है
रामकमल दास कथावाचक एवं संत हैं। आश्रम/मठ में रहने वाले शिष्य कई आधिकारिक दस्तावेज़ों में पिता के स्थान पर गुरु का नाम दर्ज कराते हैं।
राज्य निर्वाचन आयोग के दिशानिर्देश (2022) के अनुसार धार्मिक संस्थाओं से जुड़े मतदाता, यदि चाहें, तो पिता/माता के स्थान पर गुरु/धार्मिक संस्थान का नाम दर्ज करा सकते हैं।
इसी परंपरा के चलते वाराणसी सूची में ‘रामकमल दास’ पिता के स्थान पर गुरु के रूप में अंकित दिखे—यही कारण है कि “48 Sons” वाली बात वायरल हुई, जबकि वे शिष्य हैं, वास्तविक बेटे नहीं।
संत समाज की प्रतिक्रिया
अखिल भारतीय संत समिति से जुड़े स्वामी जतेंद्र आनंद सरस्वती ने आपत्ति जताई कि गुरु-शिष्य संबंध का उपहास नहीं होना चाहिए और वे इसकी शिकायत की बात करते हैं।
सोशल मीडिया रिएक्शन
- विपक्ष—मतदाता सूची से बड़े पैमाने पर नाम हटने पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
- मीम/वीडियो—“50 बच्चों वाले बाबा” जैसे व्यंग्यात्मक पोस्ट वायरल हैं।
- संत समाज—इसे सनातन संस्कृति का अपमान बताकर कार्रवाई मांगी जा रही है।
Key Takeaways
- Bihar Voter List 2025: SIR के बाद ~65 लाख नाम हटे (22 लाख मृतक, 7 लाख डुप्लीकेट, 36 लाख बाहर बसे)।
- Supreme Court: 12 अगस्त 2025 की सुनवाई—दो लोगों के नाम ‘मृत’ बताकर हटने पर बहस हुई।
- Rahul Gandhi Video: “Dead Voters” संदर्भ वाला क्लिप वायरल।
- Varanasi ‘48 Sons’: गुरु-शिष्य परंपरा के कारण गुरु का नाम पिता कॉलम में—वायरल दावे की सच्चाई।
बिहार चुनाव से पहले voter list पर विवाद सुप्रीम कोर्ट तक पहुँच चुका है। एक तरफ SIR में बड़े पैमाने पर नाम हटाने का मुद्दा, दूसरी ओर वाराणसी का ‘48 Sons’ केस—दोनों मामलों की दिलचस्प गूंज है। अब देर है कि जांच और कोर्ट से क्या आगे की दिशा निकलती है।
FAQ
Q1. SIR में 65 लाख नाम क्यों हटाए गए?
Election Commission के मुताबिक ~22 लाख मृतक, ~7 लाख duplicate, और ~36 लाख बाहर जाने वाले मतदाताओं के नाम हटाए गए।
Q2. ‘48 Sons’ वायरल दावा सच है?
नहीं। वह वाराणसी की मतदाता सूची का मामला है, जहां आश्रम में रहने वाले शिष्यों ने पिता कॉलम में गुरु का नाम लिखवाया—इस वजह से नाम “48 Sons” की तरह लगे, असल में वे शिष्य थे, बेटे नहीं।
Q3. सुप्रीम कोर्ट में क्या हुआ?
12 अगस्त 2025 को सुनवाई में दो ऐसे मतदाताओं को पेश किया गया जिनके वोटर ID थे पर सूची से उन्हें मृत बताकर हटा दिया गया था—इस मुद्दे पर कोर्ट में बहस हुई।
Disclaimer: इस रिपोर्ट में दी गई सभी जानकारी यूजर-प्रोवाइड कंटेंट पर आधारित है। उद्देश्य सिर्फ सूचना देना है, किसी को अपमानित करना नहीं।
Share on XShare on FacebookShare on WhatsApp
Tags: Bihar Voter List 2025, Dead Voters, Supreme Court, SIR, Election Commission, 48 Sons Case, Varanasi
I am blogger. I provided News by the Social media medium. All information is Given Truth in my knowledge but you checked before the follow the News. Be Happy Jay Hind By