आदाब, नमस्कार, सत श्री अकाल! आज मैं आपको एक ऐसी सच्ची घटना बताने जा रहा हूँ, जिसने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हड़कंप मचा दिया। ये कहानी शुरू होती है 23 जुलाई 2025 की देर रात, जब रामपुर के शाहबाद में एक महिला ने डर के मारे पुलिस को 112 नंबर पर फोन कर दिया।
महिला का डर और पुलिस की मुश्किल
पुलिस महज 5 मिनट में मौके पर पहुँच गई। महिला से पूछा, “मैडम, हम आपकी क्या मदद करें?” जवाब में महिला ने कुछ ऐसा कहा कि पुलिस वाले हैरान रह गए। बोली, “तुम तो वर्दी पहने चोर जैसे लग रहे हो! मुझे कैसे यकीन करूँ कि तुम पुलिस वाले हो?” पुलिस वालों को ये बात अजीब भी लगी और हँसी भी आई। महिला डरी-सहमी थी, उसकी बातों से साफ पता चल रहा था कि वो बहुत परेशान है।
पुलिस ने उसे शांत करने की कोशिश की। गाड़ी दिखाई, उसमें रखे उपकरण दिखाए, और काफी मशक्कत के बाद उसे यकीन दिलाया कि वो वाकई उत्तर प्रदेश पुलिस है। जब महिला को भरोसा हो गया, तो उसने कहा, “चारों तरफ ड्रोन उड़ रहे हैं। मुझे इतना डर लग रहा है कि कहीं मर न जाऊँ। मेरे घर के सामने रातभर सायरन बजाते रहो, ताकि कोई ड्रोन हमला न करे!”
पुलिस वालों को हँसी भी आई और अजीब भी लगा। उन्होंने समझाया, “मैडम, ये सब अफवाहें हैं, डरने की कोई बात नहीं।” लेकिन महिला को समझाने में काफी वक्त लगा। ये सिर्फ एक महिला की बात नहीं थी। पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में, चाहे मुरादाबाद हो, रामपुर, अमरोहा, बिजनौर, बरेली, मेरठ, बुलंदशहर या हापुड़, हर जगह ड्रोन की अफवाहों ने लोगों को डरा रखा था। लोग लाठी-डंडे, चाकू-तमंचे लेकर रातभर जाग रहे थे, ताकि कोई उनके घर पर हमला न कर दे।
आखिर इन अफवाहों का राज क्या है?
इस कहानी का असली सच शुरू होता है पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान से। 10 अप्रैल 2024 को पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के मुजफ्फरगढ़ जिले की अलीपुर तहसील के मंडवाला टाउन में एक दिल दहलाने वाली घटना हुई। यहाँ सज्जाद खोकर नाम का 42 साल का एक शख्स रहता था। उस दिन ईद-उल-फितर का त्योहार था। हर घर में खुशियाँ थीं, नए कपड़े पहने जा रहे थे, स्वादिष्ट पकवान बन रहे थे। लेकिन सज्जाद के घर में मातम पसरा था। न नए कपड़े थे, न खाने का कोई इंतजाम।
सज्जाद की पत्नी कौसर ने उससे कहा, “इतने बच्चों का भरण-पोषण नहीं कर सकते थे, तो उन्हें पैदा ही क्यों किया?” इस बात पर दोनों में झगड़ा हो गया। अगले दिन, 11 अप्रैल 2024 की सुबह करीब 8:30 बजे, सज्जाद ने गुस्से में आकर कुल्हाड़ी उठाई और अपनी 40 साल की पत्नी कौसर को मार डाला। फिर उसने अपनी चार बेटियों – आठ साल की अंसा, सात साल की कंजा, पाँच साल की रमशा, चार साल की शहनाज – और तीन बेटों – तीन साल के अनस, दो साल के सुभान और दो महीने के मंजा – को भी कुल्हाड़ी से काट डाला। कुल मिलाकर आठ लोगों की हत्या कर दी।
पाकिस्तान से UP तक कैसे फैली अफवाह?
इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। पुलिस ने सज्जाद को गिरफ्तार किया, और 1 दिसंबर 2024 को मुजफ्फरगढ़ की अदालत ने उसे आठ बार फाँसी की सजा सुनाई। जज ने कहा, “आठ कत्ल किए, तो आठ बार फाँसी दी जाए।” इस वीडियो को देखकर उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद के मंसूरपुर और थारक्का नंगला जैसे गाँवों में अफवाह फैल गई कि ड्रोन से रेकी करके चोर घरों में घुस रहे हैं, लूटपाट कर रहे हैं और लोगों को काट रहे हैं।
ये अफवाह इतनी तेजी से फैली कि 12 से 18 जुलाई 2025 तक अमरोहा में 202 कॉल 112 नंबर पर आईं, जिसमें लोग डर के मारे कह रहे थे कि उनके घर के ऊपर ड्रोन उड़ रहा है। लोग रातभर जाग रहे थे, चारपाई डालकर पहरेदारी कर रहे थे। गाँवों से लेकर शहरों तक ये दहशत फैल गई।
अफवाहों ने बढ़ाई मुसीबतें
इन अफवाहों की वजह से कई दुखद घटनाएँ भी हुईं। 25 जुलाई 2025 की रात, संभल के असमोली थाना क्षेत्र के मिलकपुर नवादा गाँव के छह लोग पानीपत से कार में लौट रहे थे। रास्ता भटकने की वजह से वो डिडोली थाना क्षेत्र के पतई खालसा गाँव पहुँच गए। वहाँ गाँव वालों ने उनसे सवाल-जवाब किए और शक होने पर “ड्रोन वाले” समझकर उनकी पिटाई शुरू कर दी। चार लोग भाग निकले, लेकिन अंकित और तहजीबुल हक को इतना मारा गया कि उन्हें ICU में भर्ती करना पड़ा।
इसी तरह, अमरोहा के बछरायूं के नसीरपुर गाँव में 25 जुलाई 2025 को आम के बाग की रखवाली कर रहे मोहम्मद उमर, इस्लाम, जुमा, डालचंद और सलीम को गाँव वालों ने चोर समझकर पीट दिया। पूर्व प्रधान जितेंद्र सिंह और 60 लोगों की भीड़ ने उन्हें घेर लिया। पुलिस ने आकर उनकी जान बचाई, और डालचंद की तहरीर पर FIR दर्ज की गई।
और भी घटनाएँ, और भी दहशत
22 जुलाई 2025 को संभल के नकाशा थाना क्षेत्र के नेहठोर गाँव में सनी और सुंदर नाम के दो लड़कों को कावड़ियों की झाँकी देखने के बाद गाँव वालों ने “ड्रोन वाले” समझकर पीट दिया। 26 जुलाई 2025 को अमरोहा के गजरौला में दो लाइनमैन, जो बिजली ठीक करने जा रहे थे, उन्हें भी ग्रामीणों ने ड्रोन का शक करके मार डाला। पुलिस ने आखिरकार उनकी जान बचाई।
20 जुलाई 2025 को मुरादाबाद के ठाकुरद्वारा के भाईपुर गाँव में उत्तराखंड के जसपुर का एक लड़का रास्ता भटक गया। गाँव वालों ने उसे ड्रोन वाला समझकर लहूलुहान कर दिया। अमरोहा के ढवारसी और हापुड़ के पलखवा में भी लोगों ने ड्रोन की अफवाह पर पुलिस को फोन किए, जो बाद में झूठे निकले।
अफवाहों से बचें, जागरूक रहें
ये सारी अफवाहें उस पाकिस्तानी घटना से शुरू हुईं, जिसमें सज्जाद खोकर ने अपने परिवार को मार डाला। लेकिन इसका पश्चिमी उत्तर प्रदेश से कोई लेना-देना नहीं है। मुरादाबाद, संभल, रामपुर, बिजनौर, बुलंदशहर, मेरठ, अलीगढ़ जैसे इलाकों में लोग डर के मारे रातभर जाग रहे हैं। माँ-बाप स्कूलों में टीचरों से कह रहे हैं कि बच्चों को अकेला न छोड़ें, कहीं ड्रोन उन्हें उठा न ले जाए।
दोस्तों, इस कहानी को सुनाने का मकसद किसी को डराना नहीं, बल्कि जागरूक करना है। ऐसी अफवाहों से दूर रहें। समझदारी से काम लें। अगर हम जागरूक रहेंगे, तो ऐसी अफवाहें हमें परेशान नहीं कर पाएँगी।
जय हिंद, जय भारत!
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